एक कक की आत्मकथा: पाँच बुल्स और एक मालकिन का अंतरंग संसार

मेरा नाम राहुल है और यह कहानी मेरी, मेरी प्रेमिका निशा और अब हमारे दोस्त साहिल की है। यह एक ऐसी यात्रा का वर्णन है जहाँ प्रेम, समर्पण और अंधेरे कामनाओं की दुनिया आपस में गुंथी हुई है। हमारी पिछली कहानियों में आपने दो लंडों वाली एक मालकिन के किस्से पढ़े थे। आप सभी के प्यार और उत्सुकता ने हमें यह आगे का हिस्सा साझा करने के लिए प्रेरित किया। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे अनुभव इतने लोगों को छू जाएंगे। ईमेल पर मिले आपके स्नेह और प्रश्नों ने हमें चकित कर दिया। हम सभी व्यस्त रहते हैं, इसलिए अलग से बनाए गए मेल बॉक्स की ओर ध्यान ही नहीं गया। एक दिन अचानक देखा तो संदेशों की भरमार थी। सभी को जवाब देना संभव नहीं था, इसलिए सोचा कि कहानी का अगला भाग लिखकर ही आप सभी से जुड़ जाएं। अब हम आपको हमारे जीवन के उस पहलू के बारे में विस्तार से बताना चाहते हैं, जो सामान्य दिखने वाले जीवन के पर्दे के पीछे छिपा रहता है।

मेरा जीवन दो अलग-अलग धाराओं में बहता है। एक ओर अमरावती में मेरे पिता का कार शोरूम है, जिसे चलाने में मैं उनका हाथ बंटाता हूँ। हमारा विशाल बंगला मेरी मेहनत और सफलता का प्रतीक है। दूसरी ओर है निशा की वह गुप्त दुनिया, जहाँ मैं उसकी हर इच्छा का गुलाम बन जाता हूँ। लोनावला की वह रात अब भी मेरी नसों में आग की तरह दौड़ती है। मैंने निशा को संदेश भेजा था कि लोनावला का खेल तो बस एक शुरुआत थी। मैं चाहता था कि उसका दिल तेजी से धड़के, उसकी रगों में उत्तेजना का ज्वार भाटा उमड़ पड़े। यह ककॉल्ड जीवनशैली अब मेरे खून का हिस्सा बन चुकी थी। निशा को जरा भी अंदाजा नहीं था कि मैं और साहिल उसकी हॉटवाइफ फंतासी को एक ऐसे धमाकेदार आश्चर्य में बदलने वाले थे, जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की थी।

उस सुबह मैं शोरूम में था, एक ग्राहक को चमकदार नई एसयूवी दिखा रहा था। पिताजी दफ्तर में हिसाब-किताब देख रहे थे। तभी निशा का संदेश आया। उसने लिखा, ‘शोना, आज रात मम्मी-पापा एक शादी में जा रहे हैं। मेरे घर आ जाना।’ उस पल मेरा लंड जीन्स के अंदर ऐसे तड़प उठा, मानो उसमें बिजली का झटका लग गया हो। मैंने तुरंत जवाब दिया, ‘निशु, बस यह डील पक्की करके तेरे पास उड़ता आता हूँ।’ शाम को मैं अपने बंगले पर गया, नहाया और सफेद टी-शर्ट व नीली जीन्स पहनकर तैयार हो गया। फिर अपनी बाइक पर सवार होकर मैं निशा के घर की ओर सरपट दौड़ पड़ा। रास्ते की हवा मेरे चेहरे से टकरा रही थी, लेकिन मेरे मन में बस निशा की छवि थी।

उसके घर के दरवाजे पर दस्तक देते ही दरवाजा खुला और निशा ने मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया। मैं उसे देखकर स्तब्ध रह गया। उसने जालीदार लाल ब्रा और चांदी की लेस वाली थॉन्ग पहन रखी थी। उसके सख्त निप्पल और गीली योनि के उभार उस पतले कपड़े के पार साफ चमक रहे थे। उसकी गोल, रसीली नितंब और पतली कमर मेरे होश उड़ा रही थी। वह इतनी मादक लग रही थी, मानो कोई कामदेवी साक्षात मेरे सामने उतर आई हो। उसने मेरा हाथ पकड़ा और हॉल के अंदर खींच ले गई। उसकी आवाज में एक कामुक सिसकारी थी, ‘शोना, आज तुझे मैं अपनी नई फंतासी दिखाऊंगी!’ उसकी आवाज मखमली आग की तरह मेरे कानों में पिघल रही थी।

उसने सुगंधित मोमबत्तियां जलाईं, मंद लाल रोशनी की और एक अश्लील फिल्म चला दी। उस फिल्म में पांच मजबूत शरीर वाले पुरुष एक हॉटवाइफ को जोर-जोर से चोद रहे थे। उस औरत की चीखें और मदहोश कर देने वाली सिसकारियां मेरे शरीर में एक सिहरन पैदा कर रही थीं। निशा ने मेरी जांघों पर अपनी उंगलियां फिराते हुए कहा, ‘शोना, काश मैं उस लड़की की जगह होती।’ मैंने उसकी आंखों में देखा। उनमें वासना और लालसा की एक चमक थी जो मुझे पिघला रही थी। मैं मुस्कुराया, ‘निशु, मैं तेरी हर फंतासी को हकीकत बनाऊंगा।’ तभी साहिल सीढ़ियों से नीचे उतरा। वह टाइट काली टी-शर्ट और जीन्स में था। उसका मजबूत शरीर पसीने से चमक रहा था और उसकी क्रूर मुस्कान निशा की सांसों को तेज कर रही थी।

साहिल ने शरारत भरे लहजे में कहा, ‘फिर से हॉटवाइफ फंतासी में खोई हुई है निशा?’ निशा की आंखें और भी ज्यादा चमक उठीं। रात गहरी हो चुकी थी। निशा ने मुझे अपने शयनकक्ष में खींच लिया। मैं टी-शर्ट और जीन्स में था, लेकिन अंदर उसकी दी हुई गुलाबी लेस वाली थॉन्ग मेरे लंड को सहला रही थी। निशा ने फिर से वही जालीदार लाल ब्रा और चांदी की थॉन्ग पहन रखी थी, जिसमें उसकी गीली योनि और सख्त निप्पल मुझे पागल कर रहे थे। उसने एक चमकदार स्टील का लिंग पिंजरा निकाला, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक ताला और झटके देने वाला उपकरण लगा था। उसने कहा, ‘शोना, तेरा लंड अब मेरे कब्जे में रहेगा। यह पिंजरा तुझ पर हमेशा रहेगा, ताकि तू मेरा परफेक्ट कक बन सके!’ उसकी ठंडी सिसकारी मेरे शरीर में बिजली की तरह दौड़ गई।

मेरा लंड तनकर फौलाद की तरह सख्त हो गया, लेकिन मैंने उसकी आंखों में देखकर कहा, ‘निशु, मैं तेरा हर हुक्म मानूंगा।’ उसने मेरी जीन्स उतारी। मेरी गुलाबी थॉन्ग देखकर उसकी आंखें लालच से चमक उठीं। उसने मेरे सख्त लंड पर ठंडा पानी डाला, जिससे वह सिकुड़ गया और फिर उसने उसे उस पिंजरे में कैद कर दिया। ‘आह्ह… निशु…’ मेरी सिसकारी कमरे में गूंजी। ठंडा स्टील मेरे लंड को जकड़ रहा था और हल्का झटका मेरे शरीर में सिहरन भर रहा था। उसने एक चमकदार काला गुदा प्लग निकाला, ‘शोना, यह तेरी गांड का मेहमान है!’ यह कहते हुए उसने मुझे बिस्तर पर उल्टा लिटा दिया, मेरी थॉन्ग हटाई और वह प्लग मेरी गुदा में धीरे-धीरे घुसाया। ‘आह्ह… मालकिन…’ मेरी कामुक सिसकारी कमरे में लहरा रही थी। दर्द और उत्तेजना का मिश्रण मुझे पागल कर रहा था।

गुदा में प्लग लगाने के बाद निशा ने मुझे गले लगाया। उसका गर्म शरीर मेरी छाती से टकराया। उसने कहा, ‘शोना, तू मेरा कक है। मैं तुझसे बेपनाह प्यार करती हूँ।’ मैंने उसके रसीले होंठों पर चुंबन किया, ‘निशु, मैं तेरा सिसी स्लेव बनकर जन्नत में हूँ।’ यह ककॉल्ड जीवनशैली मेरे लिए नई थी, लेकिन निशा की खुशी के लिए मैं अपनी आत्मा तक बेचने को तैयार था। अगले दिन मैं शोरूम में व्यस्त था और साहिल कॉलेज में। लिंग पिंजरा मेरे लंड को हर पल तड़पा रहा था। हर कदम पर उसकी ठंडी जकड़न मुझे निशा की याद दिला रही थी। मैंने साहिल को संदेश भेजा, ‘भाई, आज रात मेरे बंगले पर आ जाना। निशु की फंतासी को एक आश्चर्य बनाना है।’ साहिल का जवाब आया, ‘राहुल, मैं तैयार हूँ। रात को तहलका मचाएंगे।’

शाम को साहिल मेरे बंगले पर आया। वह टाइट सफेद बनियान और काली जीन्स में था। उसका मजबूत शरीर और गहरी आंखें मेरे लिंग पिंजरे को और ज्यादा तड़पा रही थीं। मैंने ग्रे रंग की हुडी और जीन्स पहनी थी, लेकिन अंदर मेरी लाल साटन थॉन्ग और गुदा प्लग मेरी गांड को हर पल सहला रहे थे। मेरे माता-पिता घर पर थे, इसलिए हम दोनों शयनकक्ष में आ गए और दरवाजा बंद कर लिया। कमरे में जल रही मंद नीली रोशनी और सुगंधित मोमबत्तियों ने माहौल को कामुक बना दिया था। मैंने साहिल को बताया, ‘निशु को पांच मजबूत बुल्स चाहिए। मैं चाहता हूं कि हम चार बुल्स ढूंढें, तू उसे चोदे और मैं उसका कक बनकर सब देखूं।’ साहिल ने एक क्रूर मुस्कान दी, ‘राहुल, पहले तू मेरा स्लेव बनेगा!’

साहिल ने अपनी बनियान उतारी। उसका गठा हुआ शरीर पसीने से चमक रहा था। उसकी गहरी आवाज ने कहा, ‘राहुल, तू मेरा स्लेव है!’ उसकी आवाज मेरे रोंगटे खड़े कर रही थी। मैंने अपनी हुडी और जीन्स उतारी। मेरी लाल साटन थॉन्ग, लिंग पिंजरा और गुदा प्लग नीली रोशनी में चमक रहे थे। मैंने सिसकारी भरकर कहा, ‘मास्टर, मैं तेरा स्लेव हूँ!’ साहिल ने काले चमड़े का कोड़ा निकाला और मेरी गांड पर जोर से मारा। ‘आह्ह… मास्टर…’ मेरी चीख कमरे में गूंजी। दर्द और उत्तेजना का तूफान मेरे शरीर में उठ रहा था। उसने मेरे लिंग पिंजरे पर कंपन करने वाली एक अंगूठी लगाई, जिसकी थरथराहट

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