अमरावती में हमारी ज़िंदगी शांत हो चुकी थी, मुंबई के उस वाइल्ड वेकेशन के बाद। मम्मी-पापा अपने क्लिनिक में व्यस्त रहते, और मैं, निशा, अपने दो प्यारों के बीच एक नई दुनिया बसा रही थी। साहिल, जो मेरे पापा के दोस्त का बेटा था और अब हमारे घर में रहता था, धीरे-धीरे मेरे और राहुल की दुनिया का अनमोल हिस्सा बन चुका था। राहुल दिन में अपने पिता के फोर-व्हीलर शोरूम में काम करता, लेकिन हर शाम उसकी आंखों में मेरे लिए वही पुरानी प्यासी मोहब्बत लौट आती। हम तीनों साथ बैठते, हंसते, बातें करते, और ऐसे पल बिताते जो हमारे जिस्म और दिल को एक-दूसरे से और गहराई से जोड़ते चले जाते। साहिल अक्सर कहता, “निशा, राहुल, तुम दोनों की मोहब्बत मेरे दिल में आग लगा देती है। मैं तुम्हारी शादी में सबसे ज़ोर से नाचूँगा!” उसकी गहरी आवाज़ में प्यार और शरारत का एक अनोखा मेल था, जिस पर मैं और राहुल मुस्कुरा उठते।
एक सुबह मम्मी-पापा जल्दी क्लिनिक चले गए, और घर में सिर्फ़ मैं और साहिल रह गए। लिविंग रूम की शांति में मैं एक हल्की पीच रंग की नेट वाली झीनी कॉटन ड्रेस में बैठी थी, जो मेरे जिस्म को नर्म स्पर्श दे रही थी। नीचे मैंने लाइट ब्लू लेस ब्रा और थॉन्ग पहनी थी, जो ड्रेस के पार से मेरे सख्त निप्पल और गीली चूत को हल्के से झलका रही थी। मेरे खुले बाल मेरी कमर तक लहरा रहे थे, और मैं जानबूझ कर नखरे दिखा रही थी, क्योंकि मुझे पता था कि साहिल की नज़रें मुझ पर टिकेंगी। साहिल नीचे आया, व्हाइट स्लीवलेस वेस्ट और काले शॉर्ट्स में। उसका टोन्ड जिस्म पसीने से चमक रहा था, और उसकी शरारती मुस्कान मेरे दिल में आग लगा रही थी। “सुबह-सुबह इतनी मादक क्यों लग रही हो, निशा?” उसने अपनी गहरी, भारी आवाज़ में कहा और सोफे पर मेरे पास सरक आया। उसकी नज़रें मेरी ड्रेस के पार मेरी कमर और बूब्स पर रुकीं, और मैंने देखा कि उसकी आंखों में लालसा की चमक थी।
“बस यूँ ही … मेरे राजा!” मैंने सिसकारी भरी और जानबूझ कर अपने बालों को उंगलियों से संवारा, ताकि मेरी ड्रेस का नेकलाइन नीचे सरक जाए और मेरे सख्त निप्पलों की साफ़ झलक दिखे। “चाय बनाऊं, या तू बस मुझे तड़पाता रहेगा?” मैंने शरारती अंदाज़ में पूछा, मेरी आवाज़ में मखमली उत्तेजना थी। साहिल ने एक क्रूर मुस्कान दी और मेरे और करीब सरक आया। उसने मेरे कंधे पर उंगलियां फेरीं और मेरे कान में फुसफुसाया, “चाय तो ठीक है, लेकिन तेरी ये गीली चूत मेरे लंड को पुकार रही है!” उसकी गर्म सांसें मेरे गले पर टकराईं और मेरे जिस्म में सिहरन दौड़ गई। वाइल्ड एक्सएक्सएक्स चुदाई कहानी की शुरुआत हो गयी। मैंने उसकी तरफ़ मुड़कर एक प्यासी नज़र डाली, “अच्छा? तो सिर्फ़ बातें बनाएगा … या मेरी चूत को सचमुच तड़पाएगा?” मेरी मदभरी सिसकारी हवा में तैर रही थी।
साहिल ने मेरी कमर को कसकर पकड़ा और मुझे अपनी गोद में खींच लिया। उसने मेरे होंठों पर एक गहरा, भूखा किस किया, उसकी जीभ मेरे मुँह में नाच रही थी। “निशा, तू राहुल की दुल्हन है … लेकिन मेरे लंड के लिए भी तो तड़पती है!” उसने क्रूर लहजे में कहा और उसकी उंगलियां मेरी थॉन्ग के ऊपर से मेरी चूत पर रगड़ने लगीं। मेरी सिसकारी कमरे में गूँजी, “आह्ह … साहिल … तेरा हाथ … मेरी चूत में आग लगा रहा है!” मैंने उसकी वेस्ट उतारी और उसके टोन्ड सीने पर अपनी उंगलियां फेरीं, उसका जिस्म गर्मी से थरथरा रहा था। मैंने उसकी शॉर्ट्स नीचे खींची और उसका 9 इंच का मोटा लंड मेरे सामने लहरा रहा था, लौड़े की नसें उभरी हुई ऐसे दिख रही थीं मानो उसका लंड मेरे लिए तड़प रहा हो। उसका लंड मैंने अपने हाथ में लिया और धीरे-धीरे सहलाया, “साहिल … तेरा लंड मेरी चूत का सुल्तान है!”
मैंने मादक सिसकारी भरी और उसके लंड के सुपारे को अपनी जीभ से चाटा। साहिल की सिसकारी कमरे में गूँजी, “उफ्फ … निशा … तेरा मुँह … मेरे लंड को पागल कर रहा है!” मैंने उसके लंड को गहरे तक चूसा, उसका नमकीन स्वाद मेरी जीभ पर पिघल रहा था। साहिल ने मुझे सोफे पर लिटाया और मेरी ड्रेस ऊपर उठाई। उसने मेरी थॉन्ग साइड की और मेरी गीली चूत को चाटना शुरू कर दिया। उसकी जीभ मेरी चूत की दीवारों पर नाच रही थी और मैं सिसकार रही थी, “आह्ह … साहिल … और गहरे … मेरी चूत को चूस ले … आह!” मेरे बूब्स ब्रा के ऊपर से उछल रहे थे और मेरी सांसें रुक-रुक कर चल रही थीं। साहिल ने मेरी ब्रा खींचकर उतारी और मेरे सख्त निप्पलों को चूसना शुरू कर दिया। “उफ्फ … साहिल … मेरे निप्पलों … और ज़ोर से चूस …” मेरी चीख कमरे में गूँज रही थी। उसने अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ा और एक ज़ोरदार धक्के के साथ अन्दर डाल दिया।
“आह्ह … साहिल … तेरा लंड मेरी चूत को फाड़ रहा है!” मैं चीखी, मेरी चूत की दीवारें उसके मोटे लंड से रगड़ खा रही थीं। साहिल ने मेरी कमर पकड़ी और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने शुरू किए। मेरे बूब्स उछल रहे थे, चेहरा लाल था और मेरी सिसकारियां बेकाबू थीं। “उफ्फ … साहिल … और ज़ोर से … मेरी चूत को चोद कर फाड़ दे!” साहिल ने मेरे होंठों पर एक भूखा किस किया और उसकी सिसकारी मेरे मुँह में गूँजी, “निशा … तेरी चूत … मेरे लंड की गुलाम है!” मैं चुत रगड़वाने लगी। कोई 20 मिनट बाद साहिल ने मेरी चूत में झड़ा और उसका गर्म वीर्य मेरे जिस्म में बिजली की तरह दौड़ गया। मैंने गर्म सिसकारी भरी, “आह्ह … साहिल … तेरा माल … मेरी चूत को पूरा कर रहा है … आह।” मैं दो बार झड़ चुकी थी, मेरी चूत गीली थी और मेरा जिस्म पसीने से चमक रहा था। साहिल ने मुझे गले लगाया और मेरे माथे पर एक नर्म किस किया। “निशा, तू और राहुल मेरे लिए ख़ास हो। मैं तुम्हारी शादी में सबसे ज़ोर से तालियां बजाऊंगा!” उसने मुस्कुराते हुए कहा। तो मैंने उसका चेहरा सहलाया, “साहिल, तू हमेशा हमारे साथ रहेगा। हमारा प्यार तुझ बिना अधूरा है!” उस दिन साहिल ने मुझे दो बार चोद कर सुख दिया और मैं सो गई।
फिर शनिवार की शाम राहुल ने मुझे अपने बंगले पर बुलाया। उसने फोन पर कहा, “निशु, मैं चाहता हूँ कि तू मेरे मम्मी-पापा से मिले। मैंने उन्हें बता दिया है कि तू मेरे लिए कितनी खास है।” उसकी आवाज़ में उत्साह के साथ थोड़ी घबराहट थी जो मुझे और प्यारा लगा। मैंने हंसते हुए कहा, “शोना, मैं तैयार हूँ। तू बस मेरे साथ रहे, बाकी मैं संभाल लूँगी!” मैंने एक क्रीम रंग की अनारकली ड्रेस पहनी, जो मेरे गोरे जिस्म को और निखार रही थी। इस ड्रेस के नीचे मैंने एक ब्लैक लेस ब्रा और थॉन्ग पहनी थी, जो मेरे जिस्म को गुप्त उत्तेजना दे रही थी। मेरे बाल सॉफ्ट बन में बंधे थे और हल्का मेकअप, काजल, पिंक लिपस्टिक और छोटी सी बिंदी … मुझे रानी जैसा लुक दे रहा था। राहुल ने मुझे गेट पर रिसीव किया। उसने ब्लू कुर्ता और व्हाइट पायजामा पहना था। उसका यह ट्रेडिशनल लुक मेरी चूत में सिहरन पैदा कर रहा था। “निशु, तू आज किसी अप्सरा सी लग रही है!” वह मेरे कान में फुसफुसाया और मेरा हाथ पकड़ लिया। उसका स्पर्श मेरे जिस्म में गर्मी भर रहा था।
राहुल के मम्मी-पापा हॉल में थे। मम्मी ने मुझे गले लगाया, “निशा, तू उतनी ही हसीन है जितना राहुल ने बताया।” मैं शर्मा गई, लेकिन राहुल ने मेरे हाथ को हल्के से दबाकर हौसला दिया। पापा ने मुस्कुराते हुए कहा, “बेटा, राहुल ने बताया कि तू बहुत होनहार है। हमें खुशी है कि उसने तुझ जैसी लड़की चुनी।” उनकी बातों ने मेरा दिल जीत लिया। डिनर में मम्मी ने मराठी स्टाइल में पुरण पोली और आमटी बनाई थी। खाने के दौरान राहुल बार-बार मेरी तरफ़ देखकर मुस्कुरा रहा था और उसकी आंखों में मेरे लिए वह बेपनाह प्यास थी। डिनर के बाद हम बगीचे में टहलने गए। राहुल ने मेरे कंधे पर हाथ रखा और मेरे कान में फुसफुसाया, “निशु, मम्मी-पापा को तू बहुत पसंद आई। अब वे हमारी शादी की बात जल्दी शुरू करना चाहते हैं।” मैंने उसका चेहरा सहलाया और सिसकारी भरी, “शोना, मैं त