गोवा की रातों में परिवार का गुप्त आनंद

मेरा नाम विकी है, हालाँकि यह मेरा असली नाम नहीं है। हमारे घर में मैं, मेरी माँ और चाची रहते हैं। मेरी बुआ कभी-कभार हमारे यहाँ ठहरने आती हैं। यह कहानी पूरी तरह सच्ची है, जिसमें मैंने गोवा की यात्रा के दौरान अपनी माँ, चाची और बुआ के साथ अविस्मरणीय अनुभव साझा किए। एक साल पहले की यह घटना आज भी मेरी यादों में ताजा है।

मेरी माँ उम्र में 49 वर्ष की हैं, उनका रंग साँवला है और वे आकर्षक व्यक्तित्व की धनी हैं। उनके स्तन 38 इंच के हैं और नितंब 42 इंच के। चाची 45 वर्ष की हैं, उनका रंग गोरा है और वे बेहद आकर्षक लगती हैं। उनके स्तन 36 इंच और नितंब 38 इंच के हैं। बुआ 50 वर्ष की हैं और उनका शरीर आकर्षक है, उनके स्तन 40 इंच और नितंब 44 इंच के हैं।

घर पर माँ और चाची साड़ी या ड्रेस पहनती हैं, जबकि बुआ जींस और टी-शर्ट पसंद करती हैं। एक बार बुआ कुछ दिनों के लिए हमारे घर आईं। रात को हम सब बैठकर बातें कर रहे थे। तभी बुआ ने गोवा जाने का प्रस्ताव रखा। सभी ने उत्साहपूर्वक सहमति दी। अगली सुबह हम गोवा के लिए निकल पड़े।

गोवा पहुँचकर हमने एक अच्छा होटल देखा और कमरे बुक किए। थोड़ा आराम करने के बाद सब तैयार होकर बैठे। बुआ ने माँ और चाची को भी जींस और टी-शर्ट पहनने के लिए कहा। दोनों ने जब यह पोशाक पहनी तो वे इतनी आकर्षक लग रही थीं कि मेरा मन विचलित हो गया। बुआ मुझे देखकर मुस्कुरा रही थीं।

हम चारों समुद्र तट पर घूमने गए। देर रात तक हमने वहाँ का आनंद लिया, फिर होटल लौट आए। सब नहा-धोकर रात के कपड़ों में बैठे थे। बुआ ने ताश खेलने का सुझाव दिया। उन्होंने एक शर्त रखी कि जो हारेगा, उसे जीतने वाले की बात माननी होगी। सभी ने खुशी-खुशी सहमति दी। सबको अंदाजा था कि आगे क्या होने वाला है।

खेल शुरू हुआ। पहले दौर में बुआ जीत गईं। उन्होंने कहा कि सभी अपनी टी-शर्ट उतारकर नाचें। माँ और चाची ने हिचकिचाते हुए टी-शर्ट उतार दी और नाचने लगीं। उनके स्तन उछल रहे थे। मैं उन्हें देखकर उत्तेजित हो गया। तीनों मेरी ओर देख रही थीं।

फिर से खेल शुरू हुआ। बुआ फिर जीत गईं। इस बार उन्होंने नीचे के कपड़े उतारकर गाते हुए नाचने का आदेश दिया। मैंने मना किया, लेकिन बुआ ने जोर दिया। माँ और चाची ने शॉर्ट्स उतार दिए। मैंने भी उतारा। अब माँ और चाची केवल अंतःवस्त्रों में थीं और मैं पूरी तरह नग्न था।

बुआ पास आईं और मेरे उत्तेजित अंग को देखकर मुस्कुराईं। उन्होंने उसे हाथ में लेकर हिलाना शुरू किया। फिर उन्होंने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और अपने सारे कपड़े उतार फेंके। उन्होंने माँ और चाची के अंतःवस्त्र भी खींच लिए। अब हम चारों पूरी तरह नग्न थे।

मैंने पहली बार माँ और चाची को नग्न देखा। दोनों का शरीर आकर्षक था। बुआ ने मेरा अंग मुँह में ले लिया और चूसना शुरू किया। मैंने चाची को खींचकर अपने ऊपर बिठाया ताकि उनकी योनि मेरे मुँह के पास आ जाए। मैं उसे चाटने लगा। माँ पास खड़ी थीं, मैंने उनके स्तनों को सहलाना शुरू किया।

थोड़ी देर बाद चाची ने मेरा अंग चूसना शुरू किया। मैंने माँ के नितंब चाटे। बुआ माँ के स्तन चूसती रहीं। कुछ ही देर में तीनों की योनि से स्राव निकलने लगा। मैंने बारी-बारी से तीनों का रस चाटकर साफ किया। अब असली संभोग की बारी थी। बुआ मेरे ऊपर चढ़ गईं और मेरे अंग को अपनी योनि में स्थापित किया।

मैंने बुआ के नितंब पकड़े और जोर-जोर से धक्के दिए। दस मिनट तक मैंने उनके साथ संभोग किया। वे हाँफने लगीं, लेकिन मेरा अंग अभी भी उत्तेजित था। अब चाची की बारी थी। मैंने चाची के मुँह में अपना अंग दिया। कुछ देर चूसवाने के बाद मैंने उन्हें घोड़ी की मुद्रा में बिठाया और धीरे-धीरे उनकी योनि में प्रवेश किया।

चाची की योनि तंग थी। वे दर्द से कराह रही थीं। माँ उन्हें सहला रही थीं और उनके स्तन दबा रही थीं। बुआ चाची के स्तन चूस रही थीं। थोड़ी देर बाद मेरा अंग पूरी तरह योनि में घुस गया। मैंने चाची के स्तन पकड़े और जोर-जोर से धक्के दिए। पंद्रह मिनट में चाची की योनि से भी स्राव निकल गया।

अब माँ की बारी थी। मैंने माँ को सीधा लिटाया और उनकी योनि खूब चाटी। बुआ और चाची माँ के स्तन चूस रही थीं। फिर मैंने माँ की योनि में अपना अंग स्थापित किया और धीरे-धीरे संभोग शुरू किया। मैंने हर तरह से माँ के साथ संभोग किया। मुझे माँ के नितंब सबसे ज्यादा पसंद थे, इसलिए अंत में मैंने उनके नितंबों से संभोग किया।

दस मिनट तक नितंबों से संभोग करने के बाद मैंने अपना वीर्य माँ के नितंबों में ही छोड़ दिया। माँ बहुत खुश थीं। उन्होंने मुझे प्यार किया। कुछ देर आराम करने के बाद बुआ ने फिर से मेरा अंग चूसकर उत्तेजित किया और अपने नितंब खोलकर लेट गईं। मैंने बुआ के नितंबों से संभोग शुरू किया।

फिर मैंने चाची से नितंबों से संभोग करने के लिए कहा, लेकिन वे डर गईं। मैं हँस दिया और उनकी योनि से ही संभोग किया। इस तरह पूरी रात मैंने तीनों के साथ दो-दो बार संभोग किया। संभोग के बाद हम चारों थककर नग्न ही सो गए। सुबह सबसे पहले माँ जागीं। मैंने माँ को बिस्तर पर ही चूमा और किस करने लगा।

वे बोलीं कि साथ नहाते हैं। हम दोनों बाथरूम में चले गए। वहाँ मैंने माँ के पूरे शरीर को चूमा, योनि चाटी, नितंब सहलाए। फिर माँ को नीचे बिठाया और अपना अंग उनके मुँह में दिया। माँ ने उसे खूब चूसा। मेरा अंग फिर से उत्तेजित हो गया। मैंने माँ को घोड़ी की मुद्रा में बिठाया और पीछे से योनि से संभोग शुरू किया।

मैं उनके स्तन पकड़कर जोर-जोर से धक्के दे रहा था। बाथरूम में धक्कों की आवाज गूँज रही थी। माँ चिल्ला रही थीं कि और तेज करो। मैंने गति बढ़ा दी। जल्दी ही माँ की योनि से स्राव निकल गया। मेरा भी वीर्य स्खलन होने वाला था। माँ ने कहा कि वे मेरा वीर्य पीना चाहती हैं। मैंने अपना वीर्य माँ के मुँह में छोड़ दिया। माँ ने एक बूंद भी नहीं छोड़ी, सब पी गईं।

उसके बाद हम दोनों नहाकर बाहर आए। बुआ और चाची भी उठ गईं। हम सबने तैयार होकर नाश्ता किया और समुद्र तट पर घूमने निकल गए। चाची ने समुद्र में नहाने का सुझाव दिया। मैं बुआ और चाची को लेकर पानी में चला गया। माँ सुबह के संभोग से थक गई थीं, वे रेत पर लेटकर आराम कर रही थीं।

बुआ और चाची केवल बिकनी में थीं। बुआ ने काले रंग की बिकनी पहनी थी, उनके नितंब पूरी तरह दिख रहे थे। चाची ने लाल रंग की बिकनी पहनी थी। दोनों बेहद आकर्षक लग रही थीं। पानी के अंदर मैंने चाची को पीछे से पकड़ा और योनि में अपना अंग डाल दिया। मैं उनके स्तन सहलाते हुए जोर-जोर से धक्के देने लगा।

चाची बोलीं कि उनके पति ने भी इतना आनंद कभी नहीं दिया। दस मिनट में चाची की योनि से स्राव निकल गया और वे अपनी बिकनी ठीक करके हट गईं। अब बुआ की बारी थी। बुआ ने कहा कि पानी के अंदर ही उनके नितंबों से संभोग करो। मैंने बुआ के नितंबों पर अपना अंग स्थापित किया और धीरे-धीरे धक्के देना शुरू किया।

थोड़ी देर में पूरा अंग नितंबों में चला गया। मैंने बुआ के स्तन पकड़े और जोर-जोर से धक्के दिए। बुआ भी नितंब उठा-उठाकर सहयोग कर रही थीं। करीब बीस मिनट के संभोग के बाद मेरा वीर्य बुआ के नितंबों में ही निकल गया। हम चारों थककर होटल लौट आए और सो गए। इस तरह तीन दिन तक हमने खूब संभोग किया, घूमे और आनंद लिया।

अब घर पर भी माँ और चाची रोज मेरे साथ एक ही बिस्तर पर सोती हैं और हम संभोग करते हैं। बुआ जब भी आती हैं, तो चारों मिलकर आनंद लेते हैं। यह मेरी निजी कहानी है, जिसे मैंने आपके साथ साझा किया। आपको यह कहानी कैसी लगी, कृपया मुझे बताएँ।

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