हवा में एक अजीब सी बेचैनी थी, जैसे कोई तूफान आने वाला हो। रूबिका के चेहरे पर एक नई चमक थी, एक ऐसी भूख जो शायद पहले कभी नहीं थी। उसकी आँखों में एक अजीब सी बेचैनी झलक रही थी, जैसे वह कुछ ढूँढ रही हो। सलमान ने यह सब देखा था। वह जानता था कि उसकी पत्नी के मन में कुछ नया चल रहा है। एक दिन, रूबिका ने खुलकर कहा कि वह किसी और के साथ समय बिताना चाहती है। सलमान के लिए यह सुनना आसान नहीं था, लेकिन उसने हाँ कह दी। उसने एक दलाल के जरिए एक रात के लिए एक आदमी को ढूँढा। पैसे लेकर सब कुछ तय हो गया। रूबिका के हाथों में नोटों का बंडल था, और उसकी आँखों में एक मिश्रित भाव था—डर, उत्सुकता और एक गहरी इच्छा।
होटल का कमरा धुंधली रोशनी से भरा था। हवा में महँगे परफ्यूम की खुशबू थी, लेकिन उसके नीचे एक तनाव भी महसूस हो रहा था। जॉन दरवाजे पर खड़ा था। वह लंबा और ताकतवर दिख रहा था, उसकी मुस्कान में एक अजीब सा आत्मविश्वास था। रूबिका ने पहली बार उसे देखा तो उसका दिल तेजी से धड़कने लगा। जॉन ने धीरे से उसके बालों को छुआ, उसकी नाजुक गर्दन पर उसकी उँगलियाँ फिरने लगीं। रूबिका ने अपनी साँस रोक ली। उसकी त्वचा पर एक ठंडी सी रोंगटी खड़ी हो गई। जॉन ने अचानक उसके बालों को जोर से पकड़ लिया और अपना एक हाथ उसके मुँह पर रख दिया। रूबिका की आँखें डर से फैल गईं। फिर, एक जोरदार झटके के साथ, वह उसके अंदर घुस गया। रूबिका के गले से एक दबी हुई चीख निकली। दर्द इतना तेज था कि उसकी आँखों में आँसू आ गए। वह हिल भी नहीं पा रही थी, सिर्फ साँस लेने की कोशिश कर रही थी।
जॉन ने धीरे-धीरे हिलना शुरू किया। हर गति के साथ, रूबिका के शरीर में एक नया एहसास जाग रहा था। दर्द धीरे-धीरे एक अजीब सी सनसनी में बदलने लगा। उसके होठों से हल्की-हल्की आहें निकलने लगीं। जॉन ने अपने एक दोस्त को इशारा किया। वह एक शराब की बोतल लेकर आया और उसे रूबिका के मुँह से लगा दिया। कड़वा तरल उसके गले में उतरा, जलन और गर्मी का एहसास हुआ। रूबिका ने मुँह बनाया, तभी जॉन के दोस्त ने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया। रूबिका ने आँखें बंद कर लीं। उसने चूसना शुरू किया, पहले धीरे-धीरे, फिर और जोर से। वह खुद को इस नई स्थिति में ढाल रही थी, हर पल के साथ अपनी सीमाओं को पार करती जा रही थी।
जॉन को अब मजा आने लगा था। उसने रूबिका के स्तनों को मसलना शुरू किया, हर स्पर्श के साथ उसे और उत्तेजित करता गया। रूबिका की साँसें तेज हो गईं। वह बोली, “आह… अब धीरे-धीरे करो… मेरी चूत में आग लग रही है… अब तेज कर दो! मैं तेरी रांड बन गई हूँ!” यह सुनकर जॉन ने तेजी से हिलना शुरू कर दिया। वह पूरा बाहर निकालता और एक झटके में अंदर घुसा देता। हर बार की धक्के से रूबिका का शरीर हिल उठता। उसने अपनी कमर को मोड़ा, जॉन के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश करने लगी। कमरे में सिर्फ साँसों की आवाज़ और शरीरों के टकराने की आवाज़ गूँज रही थी।
कुछ देर बाद, रूबिका ने इशारे से जॉन को रोका। दर्द फिर से बढ़ने लगा था। उसने लंड बाहर निकलवाया और पलटकर जॉन के लंड को चूसने लगी। इस बार वह और जोर से चूस रही थी, जैसे कोई मीठी चीज हो। उसने अपने थूक से लंड को गीला किया और फिर जॉन से कहा कि वह उसके ऊपर बैठे। जॉन ने उसे अपने लंड पर बैठा दिया। रूबिका ने धीरे-धीरे नीचे की ओर दबाव डाला। लंड उसके अंदर घुस गया, और उसके मुँह से एक लंबी आह निकली। जॉन ने उसकी कमर पकड़कर ऊपर-नीचे करना शुरू किया। रूबिका की आँखें बंद थीं, उसका चेहरा एक अजीब सी मस्ती में डूबा हुआ था।
तभी जॉन का दोस्त आगे बढ़ा। उसने रूबिका की गाँड पर अपना लंड रखा और अंदर डालने की कोशिश की। रूबिका ने पीछे मुड़कर देखा और डर गई। उसने मना किया, लेकिन वह आदमी पहले से ही उत्तेजित हो चुका था। उसने जबरदस्ती अपना लंड गाँड के छेद में ठूँसा। रूबिका चीख उठी। दर्द इतना तेज था कि उसकी आँखों से आँसू बहने लगे। जॉन ने कहा, “मैं तुम्हें और पैसे दूँगा… बस उसके साथ सहयोग करो।” रूबिका चुप हो गई। उसने शराब की बोतल से तीन बड़े घूँट पिए और फिर तीसरे आदमी के लंड को मुँह में ले लिया। अब वह तीनों तरफ से घिर चुकी थी।
गाँड में लंड के घुसते ही रूबिका का शरीर ऐंठ गया। उसने कभी ऐसा दर्द नहीं महसूस किया था। वह चिल्लाई, “रुक जाओ! मेरी गाँड फट जाएगी!” लेकिन उस आदमी ने रफ्तार पकड़ ली। रूबिका ने सलाह दी, “कुछ तेल लगा लो… सूखी ही मार रहे हो!” वह आदमी बाथरूम से क्रीम लेकर आया और लंड तथा गाँड के छेद पर लगा दी। क्रीम लगते ही लंड आसानी से अंदर घुस गया। रूबिका फिर चीख उठी, लेकिन अब दर्द के साथ एक अजीब सी सनसनी भी थी। वह आदमी उसकी कमर को जोर से पकड़कर चोदने लगा। रूबिका का शरीर हर धक्के के साथ हिल उठता।
कुछ ही देर में, शराब का नशा चढ़ने लगा। रूबिका को अब दर्द कम और मजा ज्यादा आने लगा। वह चिल्लाने लगी, “और तेज! और जोर से चोदो!” जॉन का दोस्त जोर-जोर से गाँड मार रहा था, जबकि तीसरा आदमी उसका मुँह भरने में लगा हुआ था। रूबिका लंड चूसती, फिर बाहर निकालकर हाँफने लगती। कमरे में चुदाई की आवाज़ें गूँज रही थीं, शरीरों के टकराने की आवाज़, हाँफने की आवाज़, और कभी-कभी एक गहरी चीख। रूबिका का शरीर पसीने से तरबतर हो गया था, उसकी त्वचा पर लाल निशान दिख रहे थे।
जॉन का लंड झड़ गया, और उसने वीर्य रूबिका की चूत में छोड़ दिया। फिर उसके दोस्त ने रूबिका को सोफे पर कुतिया की तरह बैठा दिया और गाँड में लंड डालने लगा। उसने रूबिका के बाल जोर से पकड़ लिए। तीसरे आदमी ने सामने से आकर अपना लंड उसके मुँह में दे दिया। रूबिका अब पूरी तरह से मस्त हो चुकी थी। वह एक के बाद एक लंड चूस रही थी, गाँड में धक्के खा रही थी, और हर पल के साथ खुद को और खोती जा रही थी। कुछ देर बाद, गाँड मारने वाले ने लंड बाहर निकाला और वीर्य रूबिका के चेहरे पर फेंक दिया। रूबिका ने उसे चाटना शुरू कर दिया, अपनी उँगलियों से चेहरे का वीर्य उठाकर मुँह में डालने लगी।
फिर तीसरे आदमी ने रूबिका को सोफे पर उल्टा लिटा दिया, उसका सिर जमीन पर और गाँड ऊपर उठी हुई। उसने गाँड में लंड डाला और तेजी से चोदना शुरू कर दिया। लगभग पंद्रह मिनट तक वह चोदता रहा, फिर अचानक लंड बाहर निकाला और वीर्य रूबिका के मुँह में डाल दिया। रूबिका का मुँह वीर्य से भर गया। उसने आँखें बंद कर लीं और सारा वीर्य निगल लिया। फिर उसने लंड को चूसकर साफ किया। सब खत्म होने के बाद, रूबिका ने शराब की बोतल उठाई और दो-तीन घूँट पिए। फिर उसने एक सिगरेट सुलगाई और कश लेने लगी, जैसे कोई पेशेवर वेश्या हो। उसने जॉन से कहा, “मेरे एक्स्ट्रा पैसे दे दो।” जॉन ने हँसते हुए पैसे निकाले और दिए। रूबिका ने नोटों को चूमा और अपने बैग में रख लिया। फिर उसने तीनों को चूमा और थैंक्यू कहा।
रूबिका बाथरूम में गई और खुद को साफ किया। वह ब्रा और पैंटी पहनकर बाहर आई, लेकिन चलने में उसे तकलीफ हो रही थी। बाहर सलमान उसका इंतज़ार कर रहा था। तभी सलीम भाई का फोन आया। “एक और बुकिंग है… जाएगी तुम्हारी बीवी? मोटी पार्टी है… ग्रुप सेक्स है!” सलमान ने कहा कि वह पूछकर बताएगा। वह सोच में पड़ गया। रूबिका होटल से बाहर आ रही थी, लेकिन ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। सलीम भाई ने फिर फोन किया। “पचास हज़ार में चार बंदे चढ़ेंगे… पूछ लो अपनी बीवी से, चुदेगी या नहीं!” सलमान ने पूछा कि पार्टी में कौन लोग हैं। सलीम ने कहा कि भारतीय लोग हैं, उन्हें देसी भाभी चाहिए। सलमान ने कहा कि उसे समय चाहिए। वह सोच रहा था कि क्या करे। क्या उसे अपनी बीवी को चार और लंडों के पास भेजना चाहिए? उसका दिल एक अजीब सी उलझन में था। रूबिका की आँखों में वह चमक अब भी थी, लेकिन उसके चेहरे पर थकान के निशान भी दिख रहे थे। सलमान ने फोन हाथ में पकड़ा हुआ थ