केकड़े की चतुराई
एक घने वन में, एक विशाल बरगद का पेड़ था, जहाँ बगुलों का एक झुंड अपना बसेरा बनाए हुए था। दुर्भाग्यवश, उसी पेड़ की एक खोखल में एक धूर्त सर्प भी रहता था। यह सर्प अक्सर बगुलों के अंडों को अपना आहार बना लेता था, जिससे बगुले अत्यंत चिंतित और दुखी रहते थे। उन्हें इस … Read more