सस्सी-पुन्नू और मिर्ज़ा-साहिबा की अमर प्रेम कथाएँ

पंजाब की प्राचीन लोक कथाओं में सस्सी और पुन्नू की प्रेम कहानी बहुत प्रसिद्ध है। सस्सी एक हिन्दू राजा की पुत्री थी, जिसे एक मुस्लिम धोबी ने पाला था। भविष्यवाणियाँ कहती थीं कि वह बड़ी होकर असाधारण प्रेम में पड़ेगी। एक दिन सस्सी ने कुछ व्यापारियों के चित्र देखे, जिनमें से एक बलूचिस्तान के युवा … Read more

पहली पहेली

दिल्ली में रहने वाले केशव पर कम उम्र में ही परिवार की ज़िम्मेदारी आ गई थी। पिता के आकस्मिक निधन के बाद उन्होंने व्यवसाय की बागडोर संभाली। पूरी लगन और मेहनत से केशव ने अपने पिता द्वारा छोड़ी गई संपत्ति को दोगुना और फिर चौगुना कर दिया। पढ़ाई पूरी न कर पाने के बावजूद, उन्होंने … Read more

अनसुलझा रिश्ता

इंदौर निवासी संजीव ने अपनी इंटरमीडिएट की शिक्षा वहीं पूरी की, जिसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चला गया। दिल्ली में अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद, उसने एक कॉलेज में पढ़ाना शुरू किया और साथ ही अपना खुद का कोचिंग संस्थान भी चलाया। इससे उसकी अच्छी आय होने लगी और उसने … Read more

डार्लिंग

एक उमस भरे गर्मी के दिन, ओलंका अपने घर के पिछले दरवाजे पर बैठी थी। पूर्वी दिशा में घने बादल उमड़ रहे थे। उसके ही मकान में रहने वाला एक त्रिवली नाटक कंपनी का मैनेजर, कुककिन, ओलंका की तरफ मुड़कर बोला, “मेरी ज़िंदगी कितनी मुश्किल है! मैं दिन-रात मेहनत करता हूँ ताकि नाटक में कोई … Read more

गलतफहमी का अंत: एक अनूठी प्रेम कहानी

एम.एससी. की पढ़ाई के दौरान अमित और अनिल घनिष्ठ मित्र बन गए थे। अमित का स्वभाव बहुत मिलनसार और खुला था; वह सबसे आसानी से घुलमिल जाता और जल्द ही सबका चहेता बन जाता। कक्षा में भी और उसके बाहर भी, सभी शिक्षक उसे पसंद करते थे। इसके विपरीत, अनिल शांत और अंतर्मुखी था, जो … Read more

अनकहा प्यार

आदित्य दिल्ली के एक संस्थान में नेटवर्किंग की पढ़ाई कर रहा था। उसकी क्लास में सारे लड़के थे, सिवाय अंजलि के। अंजलि न सिर्फ़ खूबसूरत थी बल्कि पढ़ाई में भी तेज़ थी, जबकि आदित्य का पढ़ाई में मन कम लगता था, वह सिर्फ़ नंबर लाने के लिए पढ़ता था। आदित्य अपने दोस्तों, इंद्र और अशोक … Read more

रंगों से भरी मोहब्बत

रिया को हमेशा से कला और शांति पसंद थी। एक दिन, शहर की नई कला प्रदर्शनी में वह अपनी दुनिया में खोई हुई थी, जब उसकी नज़र एक जीवंत चित्र पर पड़ी। तभी एक खुशनुमा आवाज़ उसके पास से आई, “यह पेंटिंग कमाल की है, है ना?” यह रोहन था, जिसकी ऊर्जा रिया के शांत … Read more

किताबों से शुरू हुई मोहब्बत

आर्य और नेहा, दोनों किताबों के गहरे शौकीन थे। उनकी पहली मुलाकात शहर की पुरानी लाइब्रेरी में हुई, जहाँ धूल से सने शेल्फों के बीच वे अक्सर एक ही कोने में बैठते थे। एक दिन, नेहा की नज़र आर्य पर पड़ी, जब वह एक दुर्लभ कविता संग्रह को बड़े ध्यान से पढ़ रहा था। उसकी … Read more

दूरियों के पार प्यार

रोहन और प्रिया की मुलाकात एक शांत पुस्तकालय में हुई थी। दोनों ही किताबों के गहरे प्रेमी थे और अक्सर एक ही पुरानी शेल्फ के पास टकरा जाते। पहले कुछ शब्दों का आदान-प्रदान, फिर किताबों पर लंबी चर्चाएँ, और धीरे-धीरे उनकी बातचीत साहित्य से हटकर जीवन के गहरे पहलुओं तक पहुँचने लगी। हर मुलाकात एक … Read more

किताबों से दिल तक का सफर

रोहन को किताबों से बेपनाह मोहब्बत थी। एक दिन, शहर के साहित्यिक बुक क्लब में उसकी मुलाकात सिया से हुई। सिया की आंखों में भी किताबों के प्रति वही जूनून था जो रोहन में था, लेकिन उनकी पसंद बिल्कुल अलग थी। रोहन जहाँ क्लासिक उपन्यासों में खोया रहता था, वहीं सिया आधुनिक कविताओं की दीवानी … Read more