मेरा नाम गुलजहाँ है और मैं लखनऊ की रहने वाली हूँ। मेरी कहानी सुनने से पहले मैं यह बताना चाहती हूँ कि मैं कोई फिल्मी हीरोइन जैसी खूबसूरत नहीं हूँ, बल्कि एक साधारण सी लड़की हूँ। हाँ, मेरे शरीर के कुछ हिस्से ऐसे हैं जिन्हें देखकर लोगों का ध्यान खिंच जाता है। मेरी छाती का आकार छत्तीस इंच का है और मेरे नितंबों का माप लगभग चालीस इंच है। ये आँकड़े मैं इसलिए बता रही हूँ क्योंकि मेरे शरीर ने ही इस पूरी घटना में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मैं एक संयुक्त परिवार में रहती हूँ जहाँ कई लोग एक साथ रहते हैं, और यहीं से मेरी कहानी की शुरुआत होती है।
यह घटना सन 2015 की है, जब मैं जवानी की दहलीज पर कदम रख रही थी। उस समय मेरा वजन थोड़ा बढ़ गया था और मेरा शरीर पूरी तरह से विकसित हो चुका था। मैंने उसी दौरान एक लड़के से दोस्ती की थी जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। एक दिन जब मैं उससे फोन पर बात कर रही थी, तभी अचानक मेरी माँ कमरे में आ गईं और मेरा मोबाइल छीन लिया। उन्होंने मुझे खूब डाँटा और मारा भी। उस दिन के बाद मैं बहुत उदास रहने लगी क्योंकि मेरे पास अपने प्रेमी से बात करने का कोई साधन नहीं बचा था।
तभी मेरे चचेरे भाई शाहरुख ने मेरी मदद करने का फैसला किया। वह मेरे चाचा का बेटा था और हम दोनों की उम्र में ज्यादा अंतर नहीं था। एक दिन उसने चुपके से मुझसे कहा, “तुम परेशान मत हो, मैं तुम्हारे लिए मोबाइल लेकर आता हूँ।” कुछ ही दिनों में उसने मेरे लिए एक नया मोबाइल फोन लाकर दिया और मेरे प्रेमी से बात करवाने में मेरी मदद करने लगा। मैं उसकी इस मदद के लिए बहुत आभारी थी, लेकिन मुझे नहीं पता था कि यह सब कुछ बदलने वाला है।
कुछ दिनों बाद शाहरुख ने मुझे एक मेमोरी कार्ड दी। जब मैंने उसे अपने फोन में लगाकर देखा तो मैं हैरान रह गई। उसमें कई सारी अश्लील फिल्में थीं। पहले तो मैंने सोचा कि इन्हें नहीं देखूँगी, लेकिन फिर एक दिन अकेले में मैंने एक फिल्म देखनी शुरू की। उन दृश्यों को देखकर मेरे शरीर में एक अजीब सी गर्मी फैलने लगी। धीरे-धीरे मैं रोजाना उन फिल्मों को देखने लगी, और शाहरुख से नई फिल्में मँगवाने लगी।
एक गर्मी की दोपहर में मैं छत पर अपनी चारपाई पर लेटी हुई फिल्म देख रही थी। पंखा धीरे-धीरे चल रहा था और मैं पूरी तरह से उन दृश्यों में खोई हुई थी। तभी अचानक शाहरुख वहाँ आया और मेरी चारपाई के किनारे बैठ गया। मैंने उसकी तरफ देखा, लेकिन वह कुछ बोला नहीं। फिर अचानक उसने मेरी सलवार के अंदर अपना हाथ डाल दिया। मैं चौंक गई, लेकिन कुछ बोल नहीं पाई। उसकी उँगलियाँ मेरे शरीर पर घूमने लगीं, और मैंने महसूस किया कि मेरा शरीर उस स्पर्श के लिए तैयार हो रहा है।
उस दिन के बाद से शाहरुख रोजाना मेरे पास आने लगा। कभी वह मेरी सलवार के अंदर उँगली डालता, तो कभी मेरे नितंबों को दबाता। मैं शुरू में तो हिचकिचाती थी, लेकिन धीरे-धीरे मुझे भी उसके स्पर्श में आनंद आने लगा। मेरी साँसें तेज हो जातीं, और कभी-कभी मेरे मुँह से आह भी निकल जाती। मैं उसका हाथ पकड़ लेती, लेकिन उसे रोकती नहीं थी। यह हम दोनों के बीच एक गुप्त खेल बन गया था जो रोजाना चलता रहता।
एक दिन मेरे पिता ने मेरी शादी के लिए फोटो खिंचवाने का फैसला किया। उन्होंने शाहरुख को मेरे साथ फोटो स्टूडियो भेजा। फोटो खिंचवाने के बाद शाहरुख ने मुझसे कहा कि वह मुझे एक अच्छी जगह दिखाना चाहता है। मैंने हामी भर दी, और वह मुझे शहर से बाहर एक जंगल के रास्ते पर ले गया। वहाँ पहुँचकर उसने मुझे एक पेड़ के नीचे लिटा दिया। उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी जिसे देखकर मेरा दिल तेजी से धड़कने लगा।
उसने धीरे-धीरे मेरे कपड़े उतारने शुरू किए। मैं विरोध करना चाहती थी, लेकिन मेरा शरीर उसके स्पर्श के आगे झुक गया। जब मैं पूरी तरह नंगी हो गई, तो उसने अपने कपड़े भी उतार दिए। मैंने पहली बार उसका लिंग देखा, और मेरे मुँह से एक आह निकल गई। फिर वह मेरे ऊपर आ गया, और अचानक ही मैंने महसूस किया कि वह मेरे अंदर प्रवेश कर रहा है। दर्द के साथ-साथ एक अजीब सा आनंद भी था। मैं जोर-जोर से आहें भरने लगी, और वह तेजी से धक्के देने लगा।
उस जंगल में, उस पेड़ के नीचे, मैंने पहली बार शारीरिक संबंध बनाए। जब सब कुछ खत्म हुआ तो मैंने उससे पूछा, “मजा आया?” उसने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ, बहुत। लेकिन तुम पूरी ताकत से नहीं कर रही थी। मुझे तो खुलकर मजा लेना है।” मैंने कहा, “फिर घर पर कोई जुगाड़ लगाते हैं।” उसने सिर हिलाते हुए कहा, “घर पर तो मम्मी-पापा हमेशा रहते हैं। कैसे होगा?”
घर पर अवसर न मिलने के कारण हम दोनों का यह सिलसिला जारी रहा। रोज शाम को जब सब सो जाते, तो शाहरुख मेरे कमरे में आ जाता। कभी वह मेरे स्तन दबाता, तो कभी मेरे नितंबों में उँगली डालता। एक दिन मैंने उससे कहा, “तुम अपना लिंग खोल लिया करो, मैं उसे चूस लिया करूँगी। तुम्हें भी तो मजा आना चाहिए।” उसकी आँखों में खुशी चमक उठी, और उसने तुरंत हामी भर दी।
एक दिन हमारे घर में मेहमान आए हुए थे। मैंने अपनी माँ से कहा कि मुझे खाना नीचे लाने में दिक्कत हो रही है। माँ ने कहा, “शाहरुख को बुला लो।” मैंने शाहरुख को आवाज दी, और वह मेरे कमरे में आ गया। जैसे ही उसने दरवाजा बंद किया, मैंने उसके पैंट का बटन खोल दिया और उसके लिंग को अपने मुँह में ले लिया। वह आह भरते हुए पीछे की दीवार पर टिक गया।
कुछ देर बाद हम दोनों नीचे लॉबी में चले गए जहाँ बच्चे खेल रहे थे। बच्चों ने मेरा फोन ले लिया और गेम खेलने लगे। मैंने शाहरुख की तरफ देखा और मुस्कुरा दी। उसने अपने होंठों को काटने का इशारा किया, तो मैंने उसके लिंग की तरफ इशारा कर दिया। फिर उसने हाथों से खाने का इशारा किया। मैंने अपनी मैक्सी थोड़ी ऊपर उठाई और अपनी चिकनी टाँगें दिखाने लगी। मैंने अपनी मैक्सी की चेन भी थोड़ी खोल दी ताकि मेरा क्लीवेज दिखाई दे।
फिर मैंने शाहरुख को जल्दी से किचन में बुलाया। किचन का दरवाजा बंद करके मैं वहीं फर्श पर लेट गई। मैंने अपनी निक्कर और अंदरुनी कपड़े सरका दिए। शाहरुख मेरे ऊपर आ गया, और इस बार मैंने पूरी तैयारी के साथ उसका स्वागत किया। जैसे ही उसने मेरे अंदर प्रवेश किया, मैंने एक गहरी साँस ली। हर धक्के के साथ मैं उह… उह… करने लगी। शाहरुख ने चिंतित होकर पूछा, “कोई आएगा तो नहीं?” मैंने कहा, “अभी उनकी बात मत करो। लो, दूध चूसो।” मैंने अपना एक स्तन उसके मुँह के पास ले जाया, और वह उसे चूसने लगा।
उस दिन की घटना मेरे दिमाग में हमेशा के लिए अंकित हो गई। शाहरुख मेरे शरीर के हर हिस्से को चूम रहा था, और मैं उसके होंठों को। कभी वह मुझे नीचे लिटाकर ऊपर से धक्के देता, तो कभी मैं उसके ऊपर बैठ जाती। हमारी साँसें तेज हो रही थीं, और शरीर से पसीना बह रहा था। मेरा योनि स्राव बार-बार निकल रहा था, और उसका लिंग गीला हो चुका था। आखिरकार लंबे समय तक चलने वाले इस संभोग के बाद हम दोनों ही थककर चूर हो गए।
उसके बाद मेरी शादी तय हो गई, और कुछ ही महीनों में मेरी शादी हो गई। शादी के बाद मैं अपने पति के साथ दुबई चली गई। लेकिन एक अजीब सी बात यह है कि शाहरुख के साथ जितना आनंद मुझे आया था, उतना आनंद मुझे अपने पति के साथ कभी नहीं आया। शादी के बाद शाहरुख ने मुझसे बात करना भी बंद कर दिया। आज मैं दुबई में अकेली रहती हूँ क्योंकि मेरे पति का काम उन्हें अक्सर बाहर ले जाता है। कभी-कभी रातों में जब मैं अकेली सोती हूँ, तो शाहरुख की यादें मेरे जेहन में ताजा हो जाती हैं। मैं फिर से उसके लिंग को महसूस करना चाहती हूँ, लेकिन वह मुझसे बात तक नहीं करता। मैंने आज अपने दिल की यह बात आप सबके सामने रख दी है। आप लोग बताइए, मैं क्या करूँ?